Tuesday, February 26, 2013

नई मेमू और डेमू सेवाएं

26-फरवरी-2013 16:01 ISTरेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने संसद में 2013-14 का रेल बजट प्रस्तुत करते हुए निम्नलिखित नई मेमू और डेमू सेवाएं शुरु करने का प्रस्ताव किया-


मेमू सेवाएं

1.       बाराबंकी-कानपुर

2.       चेन्नै-तिरुपित

3.       दिल्ली-रोहतक (मेमू द्वारा परंपरागत सेवा को बदलकर

4.       लखनऊ-हरदोई

5.       सियालदाह-बरहामपोर कोर्ट

डेमू सेवाएं

1.    भटकल-ठोकुर

2.    दिल्ली-कुरुक्षेत्र वाया कैथल

3.    कटवा-जंगीपुर

4.    लखनऊ-सुल्तानपुर

5.    लखनऊ-प्रतापगंज वाया गौरीगंज

6.    मडगांव-करवार

7.    रोहतक-रेवाड़ी

8.    तरन तारन-गोइंदवाल साहेब

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वि. कासोटिया/अल्केश/प्रदीप/प्रियंका/विजयलक्ष्मी/अंबुज/तारा/सोनिका/सुनील-8

67 नई एक्‍सप्रेस रेलगाड़ि‍यों की शुरूआत

26-फरवरी-2013 16:00 IST
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में 2013-14 का रेल बजट प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि 67 नई एक्‍सप्रेस रेलगाड़ि‍यां चलाई जाएगी :- 
1. अहमदाबाद-जोधपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया समदडी, भिलड़ी 

2. अजनी (नागपुर)- लोकमान्‍य तिलक (टी) एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया हिंगोली 3. अमृतसर-लालकुआं एक्‍सप्रेक्‍स (साप्‍ताहिक) वाया चंडीगढ़ 

4. बांद्रा टर्मिनस-रामनगर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया नागदा, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, रामपुर 

5. बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया मारवाड़, जोधपुर 

6. बांद्रा टर्मिनस-हिसार एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया अहमदाबाद, पालनपुर, मारवाड़, जोधपुर, डेगाना 

7. बांद्रा टर्मिनस- हरिद्वार एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया वलसाड 

8. बेंगलूरू-मंगलोर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

9. बंठिडा-जम्‍मू तवी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया पटियाला, राजपुरा 

10. भुवनेश्‍वर-हजरत निजामुद्दीन एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया संबलपुर 

11. बीकानेर-चेन्‍नई एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया जयपुर, सवाईमाधोपुर, नागदा, भोपाल, नागपुर 

12. चंडीगढ़-अमृतसर इंटरसिटी एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), लुधियाना 

13. चेन्‍नई-करईकुडी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

14. चेन्‍नई-पलनी एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया जोलारपेट्टै, सेलम, करूर, नामक्‍कल 

15. चेन्‍नई एग्‍मोर-तंजावूर एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया विलुपुरम, मइलादुतुरै 

16. चेन्‍नई-नागरसोल (साई नगर शिरडी के लिए) एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया रेणिगुंटा, धोने, काचेगुडा 

17. चेन्‍नई-वेलनकन्‍नी लिंक एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया विलुपुरम, मइलादुतुरै, तिरूवरूर 

18. कोयंबतूर-मन्‍नारगुडी एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया तिरूचिरापल्‍ली, तंजावूर, निदामंगलम 

19. कोयंबतूर-रामेश्‍वरम एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

20. दिल्‍ली-फिरोजपुर इंटरसिटी एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया बठिंडा 

21. दिल्‍ली सराय रोहिल्‍ला-सीकर एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) आमान परिवर्तन के बाद 

22. दिल्‍ली होशियापुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

23. दुर्ग-जयपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

24. गांधीधाम-विशाखापटनम एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया अहमदाबाद, वर्धा, बल्‍लारशाह, विजयवाड़ा 

25. हज़रत निजामुद्दीन-मुम्‍बई एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया भोपाल, खंडवा, भुसावल 

26. हावड़ा-चेन्‍नई एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताह में दो दिन) वाया भद्रक, दुव्‍वादा, गुडूर 

27. हावड़ा-न्‍यू जलपाईगुड़ी एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया मालदा टाऊन 

28. हुबली–मुम्‍बई एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया मिरज, पुणे 

29. इंदौर-चंडीगढ़ एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया देवास, उज्‍जैन, गुना, ग्‍वालियर, हज़रत निजामुद्दीन 

30. जबलपुर-यशवंतपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया नागपुर धर्मावरम 

31. जयपुर-लखनऊ एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में तीन दिन) वाया बांदीकुई, मथुरा, कानपुर 

32. जयपुर-अलवर एक्‍सप्रेस (दैनिक) 

33. जोधपुर-जयपुर एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया फुलेरा 

34. जोधपुर-कामाख्‍या (गुवाहाटी) एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया डेगाना, रतनगढ़ 

35. काकीनाडा-मुम्‍बई एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) 

36. कालका-साई नगर शिरडी एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) वाया हज़रत निजामुद्दीन, भोपाल, इटारसी 

37. कामाख्‍या (गुवाहाटी)-आनंद विहार एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया कटिहार, बरौनी, सीतापुर कैण्‍ट, मुरादाबाद 

38. कामाख्‍या (गुवाहाटी) – बेंगलूरू एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

39. कानपुर-आनंद विहार एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया फर्रूखाबाद 

40. कटिहार-हावड़ा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया मालदा टाऊन 

41. कटरा-कालका एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) वाया मोरिन्‍डा 

42. कोलकाता-आगरा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया अमेठी, राय-बरेली, मथुरा 

43. कोलकाता-सीतामढ़ी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया झाझा, बरौनी, दरभंगा 

44. कोटा-जम्‍मू तवी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया मथुरा, पलवल 

45. कुर्नूल टाऊन-सिकंदराबाद एक्‍सप्रेस (दैनिक) 

46. लोकमान्‍य तिलक (टी)- कोचुवेली एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

47. लखनऊ-वाराणसी एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में 6 दिन) वाया राल-बरेली 

48. मंडगांव-मंगलोर इंटरसिटी एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया उडुपी, करवार 

49. मंगलोर-काचेगुडा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया धोने, गूत्‍ती, रेणिगुंटा, कोयंबतूर 

50. मऊ-आनंद विहार एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में 2 दिन) 

51. मुम्‍बई-सोलापुर एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में 6 दिन) वाया पुणे 

52. नागरकोइल-बेंगलूरू एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया मदुरै, तिरूचिरापल्‍ली 

53. नई दिल्‍ली-कटरा एसी एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में 6 दिन) 

54. निजामाबाद-लोकमान्‍य तिलक (टी) एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

55. पटना-सासाराम इंटरसिटी एक्‍सप्रेस (दैनिक) वाया आरा 

56. पाटलीपुत्र (पटना)-बेंगलूरू एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया छिवकी 

57. पुडुचेरी-कन्‍याकुमारी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया विल्‍लुपुरम, मइलादुतुरै, तिरूचिरापल्‍ली 

58. पुरी-साई नगर शिरडी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया संबलपुर, टिटलागढ़, रायपुर, नागरपुर, भुसावल 

59. पुरी-अजमेर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया आबू-रोड 

60. राधिकापुर-आनंद विहार लिंक एक्‍सप्रेस (दैनिक) 

61. राजेन्‍द्र नगर टर्मिनस (पटना)- न्‍यू तिनसुकिया एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया कटिहार, गुवाहाटी 

62. तिरूपति-पुडुचेरी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

63. तिरूपति-भुवनेश्‍वर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया विशाखापटनम 

64. उना/नंगल डैम-हजूर साहेब नांदेड एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया आनंदपुर साहिब, मोरिंडा, चंडीगढ़, अंबाला 

65. विशाखापटनम-जोधपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया टिटलागढ़, रायपुर 

66. विशाखापटनम-कोल्‍लम एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) 

67. यशवंतपुर-लखनऊ एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) वाया राय-बरेली, प्रतापगढ़ 
                                                                                                                          (PIB)                                      
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वि. कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/विजयलक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू/40

26 नई पैसेंजर गाडियां

26-फरवरी-2013 15:58 IST
निम्नलिखित पैसेंजर गाडियों को शुरु करने का प्रस्ताव
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने संसद में 2013-14 का रेल बजट प्रस्तुत करते हुए निम्नलिखित पैसेंजर गाडियों को शुरु करने का प्रस्ताव किया-

1.      बठिंडा-धुरी पैसेंजर (दैनिक)

2.      बीकानेर-रतनगढ़ पैसेंजर (दैनिक)

3.      भावनगर-पलिटाना पैसेंजर (दैनिक)

4.      भावनगर-सुरेन्द्रनगर पैसेंजर (दैनिक)

5.      बरेली-लालकुआं पैसेंजर (दैनिक)

6.      छपरा-थावे पैसेंजर (दैनिक)

7.      लोहारू-सीकर पैसेंजर (दैनिक) आमान परिवर्तन के बाद

8.      मडगांव-रत्नागिरी पैसेंजर (दैनिक)

9.      मारिकुप्पम-सीतामढ़ी पैसेंजर (दैनिक)

10.  मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी पैसेंजर (दैनिक) वाया रुनिसैदपरुर

11.  नादियाड-मोडासा पैसेंजर (सप्ताह में 6 दिन)

12.  नांदयाल-कुर्नूल टाऊन पैसेंजर (सप्ताह में 6 दिन)

13.  न्यू अमरावती-नारखेड़ पैसेंजर (दैनिक)

14.  पुनलूर-कोल्लम पैसेंजर (दैनिक)

15.  पूर्णा-परली वैजनाथ पैसेंजर (दैनिक)

16.  पलानी-तिरुचंदरू पैसेंजर (दैनिक)

17.  रतनगढ़-सरदारशहर पैसेंजर (दैनिक) आमान परिवर्तन के बाद

18.  समस्तीपुर-बनमंखी पैसेंजर वाया सहरसा, मधेपुरा (दैनिक) आमान परिवर्तन के बाद

19.  शोरानूर-कोजीकोडे पैसेंजर (दैनिक)

20.  सुरेन्द्रनगर-ध्रांगध्रा पैसेंजर (दैनिक)

21.  सूरतगढ़-अनूपगढ़ पैसेंजर (दैनिक)

22.  सोमनाथ-राजकोट पैसेंजर (दैनिक)

23.  सीतामढ़ी-रक्सौल पैसेंजर (दैनिक)

24.  श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़-सादुलपुर पैसेंजर (दैनिक) आमान परिवर्तन के बाद

25.  तालगुप्पा-शिमोगा टाऊन पैसेंजर (दैनिक)

26.  त्रिशूर-गुरूवायुर पैसेंजर (दैनिक)

                                                                                                     (PIB)
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वि. कासोटिया/अल्केश/प्रदीप/प्रियंका/विजयलक्ष्मी/अंबुज/तारा/सोनिका/सुनील


रेल बजट--हरित ऊर्जा पहल

रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में 2013-14 का रेल बजट पेश करते हुए कहा कि रेलवे पर्यावरण का बचाव करने, निरंतर विकास करने तथा ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। इस संबंध में नए उपाय किए गए हैं अथवा किए जाने का प्रस्‍ताव है:
·        सौर तथा पवन ऊर्जा क्षमता का इस्‍तेमाल करने के लिए रेलवे ऊर्जा प्रबंधन कंपनी (आरईएमसी) स्‍थापित करना।

·        75 मैगावाट क्षमता वाला पवन चक्‍की संयंत्र स्‍थापित करना तथा सौर ऊर्जा से 1000 समपारों पर ऊर्जा की व्‍यवस्‍था करना।

·        नई पीढ़ी के ऊर्जा कुशल बिजली रेल इंजनों तथा इलैक्ट्रिकल मल्‍टीपल यूनिट (ईएमयू) को लगाने के परिणामस्‍वरूप 2011-12 में 60 करोड़ यूनिट की बचत हुई। रेलवे ने राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्‍कार भी जीता है।

·        कृषि आधारित तथा रिसाइकिल्‍ड पेपर का अधिक से अधिक इस्‍तेमाल करने के लिए प्रोत्‍साहित करना तथा खानपान में प्‍लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध। (PIB)


वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू-27 एडीएचओ-

रेल मंत्रालय दक्ष बनाएगा युवाओं को

देश भर में 25 स्‍थानों पर रेल संबंधी ट्रेडों में युवाओं को कुशल बनाने का प्रस्‍ताव
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में 2013-14 का रेल बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार के राष्‍ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम में अपना योगदान देने के लिए रेल मंत्रालय देशभर में 25 स्‍थानों पर रेल संबंधी ट्रेडों में युवाओं को दक्ष बनाएगा। ये स्‍थान हैं: अगरतला, अलवर, अंकलेश्‍वर, चंडीगढ़, देहरादून, दीमापुर, इम्‍फाल, जगदलपुर, जैस, कटिहार, काजीपेट, कोल्‍लम, कोरापुट, लमडिंग, मंगलौर, मुर्शिदाबाद, नागपुर, नजरलागुन, पठानकोट, रांची, रतलाम, शिमला, सिरसा, श्रीनगर और तिरूच्चिरापल्‍ली।   (PIB) 

वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू-30 एडीएचओ-

इंटरनेट रेल टिकट प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन

अगली पीढ़ी की ई-टिकट प्रणाली शुरू करने का प्रस्‍ताव
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में 2013-14 का रेल बजट पेश करते हुए कहा कि इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक, हम एक अगली पीढ़ी की ई-टिकट प्रणाली आरंभ करने जा रहे हैं, जिससे सरल उपयोग, प्राप्ति समय और क्षमता से संबंधित उपयोगकर्ता के अनुभव में उल्‍लेखनीय सुधार लाकर इंटरनेट रेल टिकट प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन आएगा। इस प्रणाली से प्रति मिनट 7200 टिकट सपोर्ट किए जा सकेंगे जबकि आज कल प्रति मिनट 2000 टिकट सपोर्ट किए जाते हैं। यह प्रणाली किसी भी समय एक साथ 1,20,000 उपयोगकर्त्‍ताओं को सपोर्ट करेगी तथा भविष्‍य में बढ़ती मांग के अनुसार इसकी क्षमता आसानी से बढ़ाई जा सकती है, जबकि वर्तमान में इसकी 40,000 उपयोगकर्त्‍ताओं को सपोर्ट करने की क्षमता है। इस प्रणाली में एडवांस्‍ड फ्रॉड कंट्रोल तथा सिक्‍योरिटी मैनेजमेंट टूल्‍स का इस्‍तेमाल किया जाएगा जिससे टिकटों के वितरण में और अधिक निष्‍पक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा। (PIB)

वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू-33 एडीएचओ-

रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल के भाषण के मुख्‍य अंश

संसद में वर्ष 2013-14 का रेल बजट पेश करने के दौरान
चुनिंदा रेल गाडि़यों में होगी अनुभूति नाम के कोचों की शुरूआत
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में पेश 2013-14 के रेल बजट में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विभिन्‍न उपायों की घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि शताब्‍दी और राजधानी गाडि़यों की लोकप्रियता में वृद्धि होने से अधिक आरामदायक यात्रा की मांग भी की जा रही है। इस आवश्‍यकता को पूरा करने के लिए शुरू में भारतीय रेल चुनिंदा गाडि़यों में एक ऐसे कोच की शुरूआत करेगा जिसमें उत्‍कृष्‍ट परिवेश और अत्‍यंत आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं की व्‍यवस्‍था होगी। इन कोचों का नाम अनुभूति होगा तथा इनके किराए दी गई सुविधाओ कें अनुरूप होंगे।

रेल मंत्री ने रेल दुर्घटना रोकने के विभिन्‍न उपायों की घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि भले ही रेल दुर्घटनाएं कभी-कभी ही होती हों लेकिन यह बहुत चिंता की बात है। रेल दुर्घटना रोकने के कुछ प्रमुख उपाय कुछ इस प्रकार हैं:-

·        पायलट आधार पर काम्प्रिहेंसिव फायर एंड स्‍मोक डिटेक्‍शन सिस्‍टम की व्‍यवस्‍था करना।

·        सभी गाडि़यों के गार्ड एवं ब्रेक वैन, वातानुकूलित कोचों और पैन्‍ट्री कारों में पोर्टेबल अग्निशामकों की व्‍यवस्‍था करना।

·        कोचों में अग्निरोधी फर्निशिंग सामग्रियों का प्रयोग बढ़ाना।

·        सुरक्षा उपायों का पालन करने के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान चलाना।

·        रेल सुरक्षा पर अधिक ध्‍यान देने के लिए दस वर्षों (2014-24) के लिए सुरक्षा योजना शुरू करने का प्रस्‍ताव।

·        रेल पटरियों पर हाथियों की दर्दनाक मौत की घटनाओं को रोकने के लिए पर्यावरण और वन्‍य मंत्रालय के सुझाव से विभिन्‍न उपाय करने का प्रस्‍ताव है।

रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने रेल बजट में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विभिन्‍न उपायों की घोषणा की।

·        विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल सुरक्षा बल में महिला कर्मचारियों की चार कंपनियों का गठन किया गया तथा आठ अतिरिक्‍त कंपनियां बनाए जाने का प्रस्‍ताव।

·        रेल सुरक्षा बल में की जा रही भर्तियों में दस प्रतिशत रिक्तियां महिलाओं के लिए आरक्षित।



·        फील्‍ड यूनिटों में रेल सुरक्षा बल की महिला कर्मचारियों की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी।

·        महानगरों में महिला स्‍पेशल लोकल गाडि़यों में महिला सुरक्षाकर्मी तैनात की जा रही हैं।

·        विभिन्‍न रेल जॉन में सुरक्षा हेल्‍पलाइन नंबर उपलब्‍ध कराए गए हैं।

·        साफ-सफाई से संबद्ध सभी पहलुओं पर तुरंत ध्‍यान देने के लिए दस लाख से अधिक की जनसंख्‍या को सेवित करने वाले अथवा धार्मिक/पर्यटन की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण स्‍थलों को सेवित करने वाले 104 स्‍टेशनों की पहचान करना।



·        गाडि़यों में जैविक शौचालयों की उत्‍तरोत्‍तर व्‍यवस्‍था करना।

·        मशीनीकृत सफाई की सुविधाओं के साथ प्‍लेटफार्मों पर कंक्रीट एप्रनों की व्‍यवस्‍था करना। इसमें 200 स्‍टेशनों को पहले ही शामिल कर लिया गया है।



·        और अधिक स्‍टेशनों तथा गाडि़यों में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्‍कीम (ओबीएचएस) तथा क्‍लीन गाड़ी स्‍टेशनों (सीटीएस) का विस्‍तार।

·        अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (टीसीएएस), ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम), कॉइन-ऑपरेटिड टिकट वेंडिंग मशीन (सीओ-टीवीएम) तथा जन-साधारण टिकट बुकिंग सेवक (जेटीबीएस) का विस्‍तार।

·        विजयवाड़ा, नागपुर, ललितपुर, बिलासपुर, जयपुर तथा अहमदाबाद में छ: और रेल नीर बॉटलिंग प्‍लांट की स्‍थापना।

·        सवारी डिब्‍बों की सफाई तथा रियल टाइम फीडबैक देने की शीघ्र कार्रवाई के लिए एसएमएस/फोन कॉल्‍स/ई मेल के माध्‍यम से ऑन-बोर्ड कर्मचारियों के साथ यात्रियों द्वारा आसानी से संपर्क स्‍थापित करने के लिए चुनिंदा गाडि़यों में पायलट परियोजना की शुरूआत।

·        लिनेन की साफ-सुथरी धुलाई के लिए 8-10 और मशीनीकृत लाउंड्रियों की स्‍थापना।

·        आने वाले स्‍टेशनों, गाड़ी चालन स्थिति, आगमन प्‍लेटफॉर्म आदि के संबंध में ऑन-बोर्ड यात्रियों को सूचित करने के लिए गाडि़यों में उदघोषणा सुविधा तथा इलै‍क्‍ट्रोनिक डिस्‍पले बोर्डों की व्‍यवस्‍था।

·        हमारे युवावर्ग तथा अन्‍य महत्‍वपूर्ण ग्राहकों की बढ़ती हुई आकांक्षाओं तथा आपश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए कई गाडि़यों में नि:शुल्‍क वाई-फाई सुविधा प्रदान करना।

·        पहले से चुने गए 980 स्‍टेशनों के अतिरिक्‍त 60 अन्‍य स्‍टेशनों को आदर्श स्‍टेशनों के रूप में अपग्रेड करना। 

·        रेलवे स्‍टेशनों पर प्राथमिक उपचार सेवाएं आदि उपलब्‍ध कराने के लिए स्‍वैच्छिक संगठनों का सहयोग लेना।

विकलांग यात्रियों की सुरक्षा

·        ए-1 तथा अन्‍य बड़े स्‍टेशनों पर 179 एस्‍केलेटरों तथा 400 लिफटों की व्‍यवस्‍था।

·        शौचालयों सहित सवारी डिब्‍बों के लेआउट दर्शाने वाले ब्रेल स्‍टीकर लगाना।

·        अधिक स्‍टेशनों पर व्‍हील चेयर तथा बैटरी से चलने वाले वाहनों की व्‍यवस्‍था करना।

·        सवारी डिब्‍बों को व्‍हील चेयर के अनुकूल बनाना।

·        विकलांग व्‍यक्तियों को रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराने के लिए जेटीबीएस की एक निश्चित संख्‍या उनके लिए आरक्षित करने का प्रस्‍ताव। 



रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि रेलवे पर्यावरण का बचाव करने, निरंतर विकास करने तथा ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। इस संबंध में नए उपाय किए गए हैं अथवा किए जाने का प्रस्‍ताव है:

·        सौर तथा पवन ऊर्जा क्षमता का इस्‍तेमाल करने के लिए रेलवे ऊर्जा प्रबंधन कंपनी (आरईएमसी) स्‍थापित करना।

·        75 मैगावाट क्षमता वाला पवन चक्‍की संयंत्र स्‍थापित करना तथा सौर ऊर्जा से 1000 समपारों पर ऊर्जा की व्‍यवस्‍था करना।

·        नई पीढ़ी के ऊर्जा कुशल बिजली रेल इंजनों तथा इलैक्ट्रिकल मल्‍टीपल यूनिट (ईएमयू) को लगाने के परिणामस्‍वरूप 2011-12 में 60 करोड़ यूनिट की बचत हुई। रेलवे ने राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्‍कार भी जीता है।

·        कृषि आधारित तथा रिसाइकिल्‍ड पेपर का अधिक से अधिक इस्‍तेमाल करने के लिए प्रोत्‍साहित करना तथा खानपान में प्‍लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध।

रेल मंत्री ने रेल बजट में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विभिन्‍न उपायों की घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि शताब्‍दी और राजधानी गाडि़यों की लोकप्रियता में वृद्धि होने से अधिक आरामदायक यात्रा की मांग भी की जा रही है। इस आवश्‍यकता को पूरा करने के लिए शुरू में भारतीय रेल चुनिंदा गाडि़यों में एक ऐसे कोच की शुरूआत करेगा जिसमें उत्‍कृष्‍ट परिवेश और अत्‍यंत आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं की व्‍यवस्‍था होगी। इन कोचों का नाम अनुभूति होगा तथा इनके किराए दी गई सुविधाओ कें अनुरूप होंगे।

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे पर्यावरण का बचाव करने, निरंतर विकास करने तथा ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। इस संबंध में नए उपाय किए गए हैं अथवा किए जाने का प्रस्‍ताव है:

·        सौर तथा पवन ऊर्जा क्षमता का इस्‍तेमाल करने के लिए रेलवे ऊर्जा प्रबंधन कंपनी (आरईएमसी) स्‍थापित करना।

·        75 मैगावाट क्षमता वाला पवन चक्‍की संयंत्र स्‍थापित करना तथा सौर ऊर्जा से 1000 समपारों पर ऊर्जा की व्‍यवस्‍था करना।

·        नई पीढ़ी के ऊर्जा कुशल बिजली रेल इंजनों तथा इलैक्ट्रिकल मल्‍टीपल यूनिट (ईएमयू) को लगाने के परिणामस्‍वरूप 2011-12 में 60 करोड़ यूनिट की बचत हुई। रेलवे ने राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्‍कार भी जीता है।

·        कृषि आधारित तथा रिसाइकिल्‍ड पेपर का अधिक से अधिक इस्‍तेमाल करने के लिए प्रोत्‍साहित करना तथा खानपान में प्‍लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध।

     रेल मंत्री ने कहा कि इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक, हम एक अगली पीढ़ी की ई-टिकट प्रणाली आरंभ करने जा रहे हैं, जिससे सरल उपयोग, प्राप्ति समय और क्षमता से संबंधित उपयोगकर्ता के अनुभव में उल्‍लेखनीय सुधार लाकर इंटरनेट रेल टिकट प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन आएगा। इस प्रणाली से प्रति मिनट 7200 टिकट सपोर्ट किए जा सकेंगे जबकि आज कल प्रति मिनट 2000 टिकट सपोर्ट किए जाते हैं। यह प्रणाली किसी भी समय एक साथ 1,20,000 उपयोगकर्त्‍ताओं को सपोर्ट करेगी तथा भविष्‍य में बढ़ती मांग के अनुसार इसकी क्षमता आसानी से बढ़ाई जा सकती है, जबकि वर्तमान में इसकी 40,000 उपयोगकर्त्‍ताओं को सपोर्ट करने की क्षमता है। इस प्रणाली में एडवांस्‍ड फ्रॉड कंट्रोल तथा सिक्‍योरिटी मैनेजमेंट टूल्‍स का इस्‍तेमाल किया जाएगा जिससे टिकटों के वितरण में और अधिक निष्‍पक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा।  

    श्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि सरकार के राष्‍ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम में अपना योगदान देने के लिए रेल मंत्रालय देशभर में 25 स्‍थानों पर रेल संबंधी ट्रेडों में युवाओं को दक्ष बनाएगा। ये स्‍थान हैं: अगरतला, अलवर, अंकलेश्‍वर, चंडीगढ़, देहरादून, दीमापुर, इम्‍फाल, जगदलपुर, जैस, कटिहार, काजीपेट, कोल्‍लम, कोरापुट, लमडिंग, मंगलौर, मुर्शिदाबाद, नागपुर, नजरलागुन, पठानकोट, रांची, रतलाम, शिमला, सिरसा, श्रीनगर और तिरूच्चिरापल्‍ली।   

   रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि रेलवे ने खेल-कूद में सदैव उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन किया है। उन्‍होंने कहा कि 2012 लंदन समर ओलंपिक में पहलवान सुशील कुमार ने लगातार दूसरे ओलंपिक में पदक जीता। श्री बंसल ने कहा कि इस वर्ष, रेलवे 9 राष्‍ट्रीय प्रतियोगिताएं पहले ही जीत चुकी है और रेलवे खेल-कूद संवर्धन बोर्ड को ‘राष्‍ट्रीय खेल पुरस्‍कार-2012’ से सम्‍मानित करना वास्‍तव में स‍ही है।

     श्री बंसल ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि राजीव गांधी खेल रत्‍न पुरस्‍कार और ध्‍यानचंद पुरस्‍कार विजेताओं को मानार्थ कार्ड पास की सुविधा उपलब्‍ध कराई जाएगी जो प्रथम श्रेणी/द्वितीय श्रेणी एसी में यात्रा के लिए मान्‍य होगा। ओलंपिक पदक विजेताओं और द्रोणाचार्य पुरस्‍कार विजेताओं को जारी किए किए जा रहे मानार्थ कार्ड भी अर्जुन पुरस्‍कार विजेताओं की भांति ही राजधानी/शताब्‍दी गाडियों में यात्रा करने के लिए मान्‍य होंगे। खिलाडियों को दिए गए सभी कार्ड पास जिनसे वे राजधानी/शताब्‍दी गाडियों में यात्रा कर सकते हैं, उनसे अब दुरंतों गाडियों में भी यात्रा करने की अनुमति होगी।
   रेल मंत्री ने कहा कि बहादुर और साहसी सैनिकों ने हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्‍च बलिदान दिया है। उन्‍होंने कहा कि रेल द्वारा सम्‍मान के संकेत के रूप में महावीर चक्र, वीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, बहादुरी के लिए राष्‍ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक के विजेता यदि अविवाहित हों तो उनके मरणोपरांत उनके माता-पिता को प्रथम श्रेणी/द्वितीय श्रेणी एसी में वैध मानार्थ कार्ड पास की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्‍होंने कहा कि  पुलिस पदक विजेताओं  को अब वर्ष में एक बार राजधानी/शताब्‍दी गाडियों में द्वितीय श्रेणी एसी में व्‍यक्ति के साथ यात्रा करने के लिए मानार्थ कार्ड पास दिया जाएगा।
  फिलहाल स्‍वतंत्रता सेनानियों को प्रत्‍येक वर्ष अपने पास का नवीकरण कराने की आवश्‍यकता होती है। श्री बंसल ने बताया कि ऐसी अवस्‍था में उन्‍हें कोई परेशानी का समाना न करने पड़े इसलिए नवीकरण की इस आवश्‍यकता को तीन वर्ष में एक बार करने का निर्णय लिया गया है।

     रेल मंत्री ने कहा कि भारत की माउंटेन रेलवे, वैश्विक धरोहर स्‍थल हैं। यह भारत को उन देशों के उस विशिष्‍ट क्‍लब में रखती हैं जिसमें केवल स्विटज़रलैंड और ऑस्ट्रिया को जगह मिली है। उन्‍होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है और हम इन्‍हें सही हालत में संरक्षित रखने के उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

  रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे खर्च में फिज़ूलखर्जी को बिल्‍कुल बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने कठोर वित्‍तीय अनुशासन लागू करने के लिए उठाए गए और प्रस्‍तावित कदमों की जानकारी दी:
1)    पिछले कुछ वर्षों में रेल बजट और अनुदान की पूरक मांगों के माध्‍यम से स्‍वीकृ‍त किए गए कार्यों की धीमी प्रगति का प्रमुख कारण संसाधनों की कमी है। उन्‍होंने कहा कि इससे नियमित बजट के बजाए अतिरिक्‍त तौर पर असमय स्‍वीकृति लेने का प्रयोजन निष्‍फल हो जाता है। परिणामस्‍वरूप पिछले 25 वर्षों में पहली बार हुआ है कि रेलवे ने न तो मॉनसून सत्र में और न ही शीतकालीन सत्र में अनुदान की कोई पूरक मांग पेश की है।
2)    रेलवे ने वर्ष 2011-12 में वित्‍त मंत्रालय से 3,000 करोड़ रूपए का विशेष ऋण लिया था जिसे चालू वित्‍त वर्ष में ब्‍याज सहित ऋण की पूरी राशि सरकार को वापस कर दी गई है।
3)    पहली बार 347 चालू परियोजनाओं को प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के रूप में चिन्हित किया गया है जिसके लिए वित्‍तीय सहयता उपलब्‍ध कराने की प्रतिबद्धता जताई गई है। 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान इन परियोजनाओं के लिए अपेक्षित मात्रा में राशि उपलब्‍ध कराई जाने का इरादा किया गया है ताकि इन्‍हें समयबद्ध आधार पर पूरा किया जा सके।
4)    व्‍यावहारिक और वास्‍तविक लक्ष्‍यों को पूरा करने के लिए समर्पित माल गलियारा सहित अंतिम चरण की परियोजनाओं और परिचालन दृष्टि से महत्‍वपूर्ण परियोजनाओं के लिए उदार वित्‍तीय सहायता सहित विवेकपूर्ण रणनीति अपनानी होगी।


  रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का फ्रेट निष्‍पादन परोक्ष मांग पर आधारित हैं। वर्ष के शुरू में माल लदान में अनुमान की तुलना में धीमी वृद्धि हुई है। रेलवे के पास 1025 मिलियन टन के बजाए लक्ष्‍य को घटाकर 1,007 मिलियन टन करने के अलावा कोई और विकल्‍प नहीं था। फिर भी इसमें 2011-12 के मुकाबले 38 मिलियन टन की वृद्धि दर्ज की गई है। मालभाड़ा आमदनी के लक्ष्‍य में भी 89,339 करोड़ रूपए के बजट अनुमान से 3,383 करोड़ रूपए की कमी करते हुए 85,976 करोड़ रूपए समायोजित किए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि यात्री किराया वृद्धि का आंशिक रोल बैक का प्रभाव बाद में जनवरी 2013 में किए गए समायोजन से कुछ हद तक कम हो गया है इसलिए यात्री यातायात से प्राप्‍त होने वाली आमदनी का लक्ष्‍य 32,500 करोड़ रूपए रखने का प्रस्‍ताव है यानी 2012-13 के बजट अनुमान से यह 3,573 करोड़ रूपए कम है।
  श्री बंसल ने कहा कि सकल यातायात प्राप्तियों को 1,25,680 करोड़ रूपए रखा गया है जबकि बजट अनुमानों में यह 1,32,552 करोड़ रूपए रखा गया था। पेंशन संबंधी लाभ और पेंशनभोगियों की संख्‍या में वृद्धि होने के कारण पेंशन निधि में विनियोजन को 18,500 करोड़ से बढ़ाकर 20,000 करना आवश्‍यक होने से शुद्ध राजस्‍व में 6,484 करोड़ रूपए की कमी होने का अनुमान है। उन्‍होंने कहा कि वर्ष के दौरान कड़े वित्‍तीय अनुशासन को अपनाने के निरंतर प्रयासों से परिचालन अनुपात 88.8 प्रतिशत होने का अनुमान है।
    रेल मंत्री ने कहा कि राष्‍ट्रीय सकल घरेलू उत्‍पाद में वृद्धि के वर्तमान अनुमानों के साथ 2013-14 में मालभाड़ा आमदनी का लक्ष्‍य 9 प्रतिशत वृद्धि के साथ 93, 554 करोड़ रूपए रखा गया। यात्रियों की संख्‍या में 5.2 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है और इससे होने वाली आमदनी का लक्ष्‍य 42,210 करोड़ रूपए रखा गया है।
     अन्‍य कोचिंग और फुटकर आय में क्रमश: 11 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि के परिणामस्‍वरूप सकल यातायात प्राप्तियां 1,43,742 करोड़ रूपए रहने की आशा है जो 2012-13 के संशोधित अनुमान से 18,062 करोड़ रूपए अधिक है। रेलवे की परिसंपत्तियों के नवीकरण और प्रतिस्‍थापन के लिए योजना संसाधनों की संभावित आवश्‍यकता के आधार पर मूल्‍यहृास आरक्षित निधि में विनियोग 7,500 करोड़ रूपए रखा गया है।

   रेल मंत्री ने कहा कि कोलकाता में दमदम से नौपाड़ा तक मेट्रो प्रणाली का निर्माण कार्य मार्च 2013 तक पूरा करने का लक्ष्‍य है। पिछले बजट में घोषित एमयूटीपी चरण-2 का कार्य भी प्रगति पर है। श्री बंसल ने बताया कि पहला वातानुकूलित ईएमयू रेक वर्ष 2013-14 में मुम्‍बई उपनगरीय नेटवर्क पर शुरू किया जाएगा। कोलकाता में पूर्व-पश्चिम गलियारे के चल रहे निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

  श्री बंसल ने कहा कि बढ़ती हुई मांगों को पूरा करने के लिए मुम्‍बई में 72 अतिरिक्‍त सेवाएं और कोलकाता में 18 अतिरिक्‍त सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा कोलकाता में 80 गाडियों में और चेन्‍नई में 30 गाडियों में डिब्‍बों की संख्‍या 9 से बढ़ाकर 12 की जा रही है।
   रेल मंत्री ने कहा कि ईंधन के मूल्‍य में वृद्धि के आधार पर मालभाड़े के लिए ईंधन समायोजन घटक से संम्‍बद्ध संशोधन की योजना को पहली अप्रैल, 2013 से लागू किया जाएगा। जहां तक यात्री किरायों का सवाल है, चूंकि इस वर्ष जनवरी में ही किरायों में संशोधन किया गया था इसलिए मंत्रालय उनपर और बोझ नहीं डालना चाहता। रेलवे द्वारा ही 850 करोड़ रूपए के बोझ का निर्वहन किया जाएगा।
  रेल मंत्री ने कहा कि रेल बजट 2013-14 के लिए 63,363 करोड़ रूपए के योजना खर्च का प्रस्‍ताव किया गया है। इसे 26,000 करोड़ रूपए की सकल बजटीय सहायता, रेलवे के सड़क सुरक्षा कोष में 2,000 करोड़ रूपए की हिस्‍सेदारी और 14,260 करोड़ के आंतरिक संसाधनों से जुटाई जाएगी। श्री बंसल ने कहा कि 15,103 करोड़ रूपए बाज़ार से उधार लेने होंगे तथा 6,000 करोड़ रूपए को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्‍यम से जुटाने का प्रस्‍ताव है। उन्‍होंने कहा कि माल-भाड़ा से 93,554 करोड़ रूपए की प्राप्ति होने का अनुमान है जो कि पिछले बजट वर्ष से 9 प्रतिशत अधिक है। श्री बंसल ने कहा कि बजट वर्ष में परिचालन अनुपात में 88.8 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से 87.8 प्रतिशत का सुधार होगा। 

 रेल मंत्री नई परियोजनाओं का प्रस्‍ताव किया जो इस प्रकार है-
नई लाइनें:
1.     भूपदेवपुर-रायगढ़ (मंड कोलरी) (सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए)
2.     गेवरा रोड-पेन्‍द्रा रोड (सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए)
3.     जैसलमेर (थियत हमीरा)-सानू
4.     केराईकल-पेरालम
5.     मकरौली तक रेवाड़ी-रोहतक नई लाइन का विस्‍तार
6.     सुल्‍तानपुर से कादीपुर
7.     तंजावूर-पट्टूकोट्टई
मावली-बढ़ी सदड़ी खंड का आमान परिवर्तन
दोहरीकरण1. अलवर-बांदीकुई
2. चेन्‍नई सेंट्रल-बेसिन ब्रिज जंक्‍शन (पांचवी और छठी लाइन)
3. दनिया-रां‍ची रोड4. दप्‍पर-चंडीगढ़5. गढ़वा रोड-रामना
6. हाजीपुर-रामदयालु7. जारगंडीह-दनिया8. पालनपुर-समख्‍याली (सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए)
9. रायबरेली-अमेठी10. वातवा-अहमदाबाद (तीसरी लाइन)

वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू-37 एडीएचओ-

यात्रियों की सुरक्षा के उपाय

रेल बजट में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विभिन्‍न उपायों की घोषणा
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में पेश 2013-14 के रेल बजट में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विभिन्‍न उपायों की घोषणा की।

·        विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल सुरक्षा बल में महिला कर्मचारियों की चार कंपनियों का गठन किया गया तथा आठ अतिरिक्‍त कंपनियां बनाए जाने का प्रस्‍ताव।

·        रेल सुरक्षा बल में की जा रही भर्तियों में दस प्रतिशत रिक्तियां महिलाओं के लिए आरक्षित।

·        फील्‍ड यूनिटों में रेल सुरक्षा बल की महिला कर्मचारियों की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी।

·        महानगरों में महिला स्‍पेशल लोकल गाडि़यों में महिला सुरक्षाकर्मी तैनात की जा रही हैं।

·        विभिन्‍न रेल जॉन में सुरक्षा हेल्‍पलाइन नंबर उपलब्‍ध कराए गए हैं।

·        साफ-सफाई से संबद्ध सभी पहलुओं पर तुरंत ध्‍यान देने के लिए दस लाख से अधिक की जनसंख्‍या को सेवित करने वाले अथवा धार्मिक/पर्यटन की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण स्‍थलों को सेवित करने वाले 104 स्‍टेशनों की पहचान करना।

·        गाडि़यों में जैविक शौचालयों की उत्‍तरोत्‍तर व्‍यवस्‍था करना।

·        मशीनीकृत सफाई की सुविधाओं के साथ प्‍लेटफार्मों पर कंक्रीट एप्रनों की व्‍यवस्‍था करना। इसमें 200 स्‍टेशनों को पहले ही शामिल कर लिया गया है।

·        और अधिक स्‍टेशनों तथा गाडि़यों में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्‍कीम (ओबीएचएस) तथा क्‍लीन गाड़ी स्‍टेशनों (सीटीएस) का विस्‍तार।

·        अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (टीसीएएस), ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम), कॉइन-ऑपरेटिड टिकट वेंडिंग मशीन (सीओ-टीवीएम) तथा जन-साधारण टिकट बुकिंग सेवक (जेटीबीएस) का विस्‍तार।

·        विजयवाड़ा, नागपुर, ललितपुर, बिलासपुर, जयपुर तथा अहमदाबाद में छ: और रेल नीर बॉटलिंग प्‍लांट की स्‍थापना।

·        सवारी डिब्‍बों की सफाई तथा रियल टाइम फीडबैक देने की शीघ्र कार्रवाई के लिए एसएमएस/फोन कॉल्‍स/ई मेल के माध्‍यम से ऑन-बोर्ड कर्मचारियों के साथ यात्रियों द्वारा आसानी से संपर्क स्‍थापित करने के लिए चुनिंदा गाडि़यों में पायलट परियोजना की शुरूआत।

·        लिनेन की साफ-सुथरी धुलाई के लिए 8-10 और मशीनीकृत लाउंड्रियों की स्‍थापना।

·        आने वाले स्‍टेशनों, गाड़ी चालन स्थिति, आगमन प्‍लेटफॉर्म आदि के संबंध में ऑन-बोर्ड यात्रियों को सूचित करने के लिए गाडि़यों में उदघोषणा सुविधा तथा इलै‍क्‍ट्रोनिक डिस्‍पले बोर्डों की व्‍यवस्‍था।

·        हमारे युवावर्ग तथा अन्‍य महत्‍वपूर्ण ग्राहकों की बढ़ती हुई आकांक्षाओं तथा आपश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए कई गाडि़यों में नि:शुल्‍क वाई-फाई सुविधा प्रदान करना।

·        पहले से चुने गए 980 स्‍टेशनों के अतिरिक्‍त 60 अन्‍य स्‍टेशनों को आदर्श स्‍टेशनों के रूप में अपग्रेड करना। 

·        रेलवे स्‍टेशनों पर प्राथमिक उपचार सेवाएं आदि उपलब्‍ध कराने के लिए स्‍वैच्छिक संगठनों का सहयोग लेना।

विकलांग यात्रियों की सुरक्षा

·        ए-1 तथा अन्‍य बड़े स्‍टेशनों पर 179 एस्‍केलेटरों तथा 400 लिफटों की व्‍यवस्‍था।

·        शौचालयों सहित सवारी डिब्‍बों के लेआउट दर्शाने वाले ब्रेल स्‍टीकर लगाना।

·        अधिक स्‍टेशनों पर व्‍हील चेयर तथा बैटरी से चलने वाले वाहनों की व्‍यवस्‍था करना।

·        सवारी डिब्‍बों को व्‍हील चेयर के अनुकूल बनाना।

·        विकलांग व्‍यक्तियों को रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराने के लिए जेटीबीएस की एक निश्चित संख्‍या उनके लिए आरक्षित करने का प्रस्‍ताव। (PIB)

वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू-16 एडीएचओ-

रेल बजट-2013-14

26-फरवरी-2013 14:15 IST
वर्ष 2013-14 के रेल बजट की मुख्‍य विशेषताएं

                                             PIB photo
* 67 नई एक्‍सप्रेस गाड़ि‍यां चलाई जाएंगी।
* 26 नई पैसेंजर सेवाएं, 8 डेमू सेवाएं और 5 मेमू सेवाएं चलाई जाएंगी।
* 57 गाड़ि‍यों के चालन का विस्‍तार किया जाएगा।
* 24 गाड़ि‍यों के फेरों में वृद्धि की जाएगी।
* 2013-14 में मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में प्रथम एसी ईएमयू रेक की शुरूआत करना।
* मुंबई में 72 और कोलकाता में 18 अतिरिक्‍त सेवाएं शुरू करना।
* कोलकाता में 80 सेवाओं और चेन्‍नई में 30 सेवाओं में रेकों की संख्‍या 9 से बढ़ाकर 12 कार की गई है।
* 63.363 करोड़ रूपए का अब तक का उच्‍चतम योजना परिव्‍यय
* 500 कि.मी. नई लाइन, 750 कि.मी. दोहरीकरण, 450 कि.मी. 
आमान परिवर्तन का लक्ष्‍य कर्मचारियों के क्‍वार्टरों के लिए निधि आबंटन बढ़ाकर 300 करोड़ 
रूपए किया गया है
o    इस वर्ष 1.52 लाख रिक्‍त पद भरे जाएंगे, जिसमें से 47,000 रिक्तियां कमजोर वर्गों तथा विकलांग व्‍यक्तियों के लिए निर्धारित की गई हैं।
o    25 स्‍थानों पर रेल संबंधी व्‍यवसाय में युवाओं को कौशल 
प्रशिक्षण दिया जाएगा।
*     राजीव गांधी खेल रत्‍न और ध्‍यानचंद पुरस्‍कार विजेताओं को मानार्थ कार्ड 
पास की सुविधा उपलब्‍ध कराना
o    स्‍वतंत्रता सेनानियों के पासों का तीन वर्ष में एक बार नवीकरण 
किया जाएगा।

o    67 नई एक्‍सप्रेस गाड़ि‍यां चलाई जाएंगी।
o    26 नई पैसेंजर सेवाएं, 8 डेमू सेवाएं और 5 मेमू सेवाएं चलाई जाएंगी

o    57 गाड़ि‍यों के चालन का विस्‍तार किया जाएगा
o    24 गाड़ि‍यों के फेरों में वृद्धि की जाएगी
o    मुंबई में 72 और कोलकाता में 18 अतिरिक्‍त सेवाएं शुरू करना
o    रेल टैरिफ प्राधिकरण की स्‍थापना के लिए प्रस्‍ताव तैयार किया गया है
o    संवर्धित आरक्षण शुल्‍क को समाप्‍त किया गया है
o    63.363 करोड़ रूपए का अब तक का उच्‍चतम योजना परिव्‍यय।
o    सकल बजट सहायता – 26,000 करोड़ रूपए
o    रेल संरक्षा निधि – 2,000 करोड़ रूपए
o    आंतरिक संसाधन – 14,260 करोड़ रूपए
o    ईबीआर- बाजार से ऋण – 15,103 करोड़ रूपए
·     ईबीआर- पी पी पी – 6,000 करोड़ रूपए।
· 2013-14 में 500 कि.मी. नई लाइन,750 कि.मी. दोहरीकरण,450 कि.मी.आमान परिवर्तन का लक्ष्‍य।
·        संसद के मॉनसून सत्र अथवा शीतकालीन सत्र में अनुदानों की पूरक मांगे प्रस्‍तुत नहीं की गई;

·        3,000 करोड़ रूपए के ऋणों का पूर्ण भुगतान किया गया;
·        347 परियोजनाओं को सुनिश्चित वित्‍त पोषण के साथ प्राथमिकता;
·        परिचालन की दष्टि महत्‍वपूर्ण परियोजनाओं और अंतिम चरण वाली परियोजनाओं के लिए उदार वित्‍त पोषण प्राप्‍त करना;
·        प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने के लिए नए फंड – डेट सर्विस फंड की स्‍थापना;

·        चल स्‍टॉक के अनुरक्षण और ईधन खपत में कुशलता लाने के लिए कठोर लक्ष्‍य निर्धारित करना;
·       12वीं योजना के अंतिम वर्ष में 30,000 करोड़ रूपए के निधि शेष के सृजन के लिए लक्ष्‍य निर्धारित करना।
·        कर्मचारियों के क्‍वार्टरों के लिए निधि आबंटन बढ़ाकर 300 करोड़ रूपए किया गया है।
·        सभी मंडल मुख्‍यालयों पर अकेली रहने वाली महिला रेल कर्मचारियों के लिए हॉस्‍टल सुविधाओं की व्‍यवस्‍था करना।
·        सभी ऐसे शहरों में जहां अस्‍पताल या तो सीजीएचएस के साथ या रेलवे के साथ पैनलबद्ध हों वहां आरईएलएचएस के लाभार्थियों को मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज की सुविधा प्रदान करना।
·        रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों के बैरकों की स्थिति में सुधार लाना।
·        लोको-पायलटों को तनाव न हो इसके लिए लोकोमोटिव कैबों में वाटर क्‍लोसेट्स और एयर कंडीशन की व्‍यवस्‍था करना।
·        इस वर्ष 1.52 लाख रिक्‍त पद भरे जाएंगे, जिसमें से 47,000 रिक्तियां कमजोर वर्गों तथा विकलांग व्‍यक्तियों के लिए निर्धारित की गई हैं।
·        25 स्‍थानों पर रेल संबंधी व्‍यवसाय में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

·        रेल संबंधित इलैक्‍ट्रॉनिक टैक्‍नालॉजी में प्रशिक्षण देने के लिए नागपुर में एक बहु-विभागीय प्रशिक्षण संस्‍थान की स्‍थापना की जाएगी।
·        एम. फिल और पीएचडी स्‍तरों पर भारतीय रेल से जुड़े मुद्दों पर अध्‍ययन और शोध करने के लिए छात्रों को प्रोत्‍साहित करने हेतु राष्‍ट्रीय विश्‍वविद्यालयों में पांच फेलोशिप दिए जाएंगे।
·        कार्बन फुटप्रिंट घटाने के लिए रेल से संबंधित अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए टेरी (TERI) में पीठ की स्‍थापना।
·        रेलवे की टीमों ने 2012 में 9 राष्‍ट्रीय प्रतियोगिताएं जीती।
·        रेलवे खेल-कूद संवर्धन बोर्ड को ‘राष्‍ट्रीय खेल प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार- 2012’ से सम्‍मानित किया गया।
·        राजीव गांधी खेल रत्‍न और ध्‍यानचंद पुरस्‍कार विजेताओं को मानार्थ कार्ड पास की सुविधा उपलब्‍ध कराना, जो फर्स्‍ट क्‍लास/सैकंड एसी में यात्रा के लिए मान्‍य होगा।
·        ओलंपिक पदक विजेताओं एवं द्रोणाचार्य पुरस्‍कार विजेताओं को राजधानी/शताब्‍दी गाड़ि‍यों में यात्रा कर करने के लिए मानार्थ कार्ड पास प्रदान किया जाएगा।
·        खिलाड़ि‍यों को दिए गए सभी कार्ड पासों, जिनमें वे राजधानी/शताब्‍दी गाड़ि‍यों में यात्रा कर सकते हैं, पर अब उन्‍हें दुरंतो गाडि़यों में भी यात्रा करने की अनुमति होगी।
·        महावीर चक्र, वीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, बहादुरी के लिए राष्‍ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक के विजेता, यदि अविवाहित हो तो उनके मरणोपरांत उनके माता-पिता को प्रथम श्रेणी/द्वितीय एसी में वैध मानार्थ कार्ड पास की सुविधा प्रदान करना।
·        पुलिस पदक विजेताओं को वर्ष में एक बार राजनधानी/शताब्‍दी गाड़ि‍यों में द्वितीय एसी में एक साथी के साथ यात्रा के लिए मानार्थ कार्ड पास की सुविधा प्रदान की जाएगी।
·        स्‍वतंत्रता सेनानियों के पासों का तीन वर्ष में एक बार नवीकरण किया जाएगा।
·        रेल टैरिफ प्राधिकरण की स्‍थापना के लिए प्रस्‍ताव तैयार किया गया है और इस पर अंतर-मंत्रालय स्‍तर पर परामर्श परामर्श किया जा रहा है।
·        फ्रेट टैरिफ के संबंध में ईंधन समायोजन घटक (एफएसी) से संबद्ध संशोधन 1 अप्रैल, 2013 से लागू किया जाएगा।
·        सुपरफास्‍ट गाड़ि‍यों के लिए पूरक प्रभार, आरक्षण शुल्‍क, लिपिकीय प्रभार, रद्दकरण प्रभार तथा तत्‍काल प्रभार में मामूली वृद्धि की गई है।
·        संवर्धित आरक्षण शुल्‍क को समाप्‍त किया गया है। 
{पत्र सूचना कार्यालय} (PIB)
****वि. कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/विजयलक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू/2

रेलगाडि़यों को सुरक्षित चलाने के उपाय
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में पेश 2013-14 के रेल बजट में रेलगाडियों को सुरक्षित चलाने के लिए विभिन्‍न उपायों की घोषणा की। अब तक किए जा चुके और प्रस्‍तावित उपायों में से कुछ इस प्रकार हैं:-
·        12वीं योजना के दौरान 10,797 समपारों को समाप्‍त करना और भविष्‍य में भारतीय रेल प्रणाली में कोई नया समपार नहीं बनाना।
·        गाड़ी परिचालनों के लिए न केवल बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने बल्कि रेलपथ की क्षमता बढ़ाने के लिए भी बेहतर सिगनल प्रणाली पर निरंतर जोर देना।
·        स्‍वत: ब्‍लॉक सिगनल सिस्‍टम पर ट्रेन सुरक्षा चेतावनी प्रणाली (टीपीडब्‍ल्‍यूएस) की शुरूआत करना।
·        dddfdदेश में विकसित ट्रेन टक्‍कर बचाव प्रणाली (टीसीएएस) का आरंभिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जटिल परिचालनिक परिस्थितियों में प्रौद्योगिकी को सिद्ध करने के लिए इसका कठोर परीक्षण किए जाने का प्रस्‍ताव है।
·        60 किलोग्राम वाली पटरियों, 260 मीटर लंबे रेल पैनलों तथा बेहतर फलैश बट्ट वेल्डिंग प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल करते हुए रेलपथ संरचना को अपग्रेड करना।
·        तीव्र और विश्‍वसनीय आपदा प्रबंधन प्रणाली को क्रियान्वित करने के लिए 160/200 किलोमीटर/प्रति घंटे की गति वाली सेल्‍फ प्रोपेल्‍ड दुर्घटना राहत गाडि़यों (एसपीएआरटी) को परीक्षण के आधार पर चलाना।
·        क्रैशवर्दी एलएचबी सवारी डिब्‍बों, (जिनमें एक-दूसरे पर न चढ़ने वाली विशेषता होती है) की शुरूआत करना।
·        भारतीय रेलों पर डिस्‍ट्रैस्‍ड पुलों के रूप में पहचाने गए पुलों में से 17 पुलों के पुनर्स्‍थापना का कार्य अगले एक वर्ष में पूरा करने को मंजूरी दी गई है।  {पत्र सूचना कार्यालय} (PIB)
वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्‍मी/ तारा/सुनील/सोनिका/राजू-3 एडीएचओ
रेल दुर्घटना रोकने के उपायरेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में पेश 2013-14 के रेल बजट में रेल दुर्घटना रोकने के विभिन्‍न उपायों की घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि भले ही रेल दुर्घटनाएं कभी-कभी ही होती हों लेकिन यह बहुत चिंता की बात है। रेल दुर्घटना रोकने के कुछ प्रमुख उपाय कुछ इस प्रकार हैं:-
·        पायलट आधार पर काम्प्रिहेंसिव फायर एंड स्‍मोक डिटेक्‍शन सिस्‍टम की व्‍यवस्‍था करना।
·        सभी गाडि़यों के गार्ड एवं ब्रेक वैन, वातानुकूलित कोचों और पैन्‍ट्री कारों में पोर्टेबल अग्निशामकों की व्‍यवस्‍था करना।
·        कोचों में अग्निरोधी फर्निशिंग सामग्रियों का प्रयोग बढ़ाना।
·        सुरक्षा उपायों का पालन करने के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान चलाना।
·    रेल सुरक्षा पर अधिक ध्‍यान देने के लिए दस वर्षों (2014-24) के लिए सुरक्षा योजना शुरू करने का प्रस्‍ताव।
·        रेल पटरियों पर हाथियों की दर्दनाक मौत की घटनाओं को रोकने के लिए पर्यावरण और वन्‍य मंत्रालय के सुझाव से विभिन्‍न उपाय करने का प्रस्‍ताव है।{पत्र सूचना कार्यालय} (PIB)
वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्‍मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू-10 एडीएचओ-

Sunday, February 24, 2013

सतत् अपशिष्ट प्रबंधन की एक कहानी

06-फरवरी-2013 15:34 IST
रेलवे प्लेटफार्म के निर्माण में शहरी ठोस अपशिष्ट का प्रयोग 
स्‍वच्‍छता:विशेष लेख:                                               * एम. जैकब अब्राहम
                                                                 File Photo of  Beas Rly Station by Rector Kathuria
तिरुवनंतपुरम शहर में ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन संकट के प्रभावी समाधान के उद्देश्‍य से भारतीय रेल ने केरल सरकार के सुचितवा मिशन के साथ सहयोग किया है। राज्‍य की राजधानी में शहरी अपशिष्‍ट निपटान उस समय राष्‍ट्रीय मीडिया के सुर्खियों में आया, जब नज़दीक की विलाप्पिलसाला पंचायत में प्रस्‍तावित अपशिष्‍ट शोधन संयंत्र के विरोध में लोगों ने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया।
     इस संदर्भ में सुचितवा मिशन और दक्षिण रेलवे द्वारा किया गया प्रयास सराहनीय है। 
     मुरूक्‍कुमपुझा रेलवे स्‍टेशन का 40 मीटर लंबा तथा 6 मीटर प्‍लेटफॉर्म इस प्रयास का एक उदाहरण है। दक्षिण रेलवे द्वारा निर्मित इस प्‍लेटफॉर्म में इस राज्‍य की राजधानी शहर से एकत्रित अपशिष्‍ट का प्रयोग किया गया है। यह नवनिर्मित रेलवे प्‍लेटफॉर्म देश में रेल नेटवर्क पर स्‍थापित इस तरह का पहला प्‍लेटफॉर्म है, जहां शहरी ठोस अपशिष्‍ट का प्रयोग भूमि-भराव के रूप में किया गया है। राज्‍य और रेलवे के बीच एक करार के तहत शहरी कूड़ा- कर्कट का प्रयोग भूमि -भराव में किया जाता है। इस करार के तहत आवश्‍यक कचरा    तिरूवनन्‍तपुरम नगर निगम द्वारा उपलब्‍ध कराया गया। जैविक रूप से नष्‍ट नहीं होले वाले लगभग 600 टन कचरे का प्रयोग मुरूक्‍कुमपुझा रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म-2 के निर्माण में प्रयोग किया गया। रंगीन इंटरलॉकिंग टाइल्‍स से निर्मित इस प्‍लेटफॉर्म के अंदर प्रयोग किये गए कचरे का जरा सा भी पता नहीं चलता। इस प्‍लेटफॉर्म का निर्माण 540 मीटर लंबाई तक किया जाना था, लेकिन स्‍थानीय लोगों द्वारा भराव के लिए कचरे के प्रयोग के विरोध के कारण 40 मीटर लंबाई तक ही कार्य पूरा किया जा सका।
     पर्यावरण की सुरक्षा तथा प्रदूषण के अंदर भूमि में पहुंचने और उससे संभावित भू-जल को प्रदूषित होने से रोकने में भराव क्षेत्र सबसे सुरक्षित और आधुनिक विधि समझा जाता है। नगर पालिका ठोस अपशिष्‍ट भूमि भराव में सि‍न्‍थेटिक लाइन में प्‍लास्टिक का प्रयोग भराव क्षेत्र को एक-दूसरे से अलग करने में किया जाता है। अमरीका में उत्‍पादित अपशिष्‍ट के लगभग 55 प्रतिशत का प्रयोग भूमि भराव में किया जाता है, जबकि ब्रिटेन में लगभग 90 प्रतिशत अपशिष्‍ट का निपटान इस तरीके से किया जाता है।
     निर्माण प्रक्रिया में मोटे प्‍लास्टिक की चादर का प्रयोग चिन्हित स्‍थल तथा कचरे और भूमि की परत के बीच किया जाता है, जो 30 सेंटीमीटर तक फैला होता है। प्रत्‍येक बार इस फैलाव को रोलर द्वारा दबाया जाता है। जब यह फैलाव आवश्‍यक ऊंचाई पर पहुंच जाता है, तो उस पर लाल मिट्टी की एक परत बिछाई जाती है। सौंदर्यीकरण की दृष्टि से ऊपरी हिस्‍से पर कॉबल पत्‍थर या इंटरलॉकिंग टाइल्‍स लगाई जाती है। भराव के लिए कचरे का प्रयोग कर रेलवे ने निर्माण प्रक्रिया में दस लाख रुपये की बचत की। इस नये प्रयोग के लिए स्‍थानीय लोगों का सहयोग मिलने पर दक्षिण रेलवे प्‍लेटफॉर्म के शेष बचे 500 मीटर निर्माण कार्य के लिए तैयार हैं।
     मुरूक्‍कुमपुझा प्‍लेटफॉर्म में सफल निर्माण कार्य के बाद दक्षिण रेलवे का तिरूवनन्‍तपुरम रेलवे डीविजन आगे चलकर नजदीकी रेलवे स्‍टेशन कोचुवेली में भी इसी तकनीक का प्रयोग कर प्‍लेटफॉर्म के निर्माण की योजना तैयार की है। कोचुवेली में निर्मित किये जाने वाले प्‍लेटफॉर्म का आकार 540 मीटर लंबा और 5.5 मीटर चौड़ा है। यदि स्‍थानीय लोग इस प्रयोग में सहयोग करते हैं, तो दक्षिण रेलवे की केरल -तमिलनाडु सीमा पर स्थित परसाला स्‍टेशन पर भी प्‍लेटफॉर्म विस्तार की योजना है।  सुचितवा मिशन के अनुसार, भूमि- भराव के लिए शहरी अपशिष्‍ट का प्रयोग अपशिष्‍ट निपटान के लिए पूर्णत: सुरक्षित तरीका है, जिससे पारिस्‍थितिकी और पर्यावरण का भी संरक्षण होता है। (PIB)


* उप निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय, तिरूवनन्‍तपुरम
वि. कासोटिया/आनन्‍द/इन्‍द्रपाल/शौकत - 38